जागरूकता रैली के लिए शिक्षा विभाग के अफसर नहीं पहुंचे, सिर्फ एक ही स्कूल के 100 बच्चे पहुंचे
 

शिक्षा विभाग के अधिकारी कितने ज्यादा लापरवाह हैं इसकी एक बानगी शुक्रवार को देखने को मिली। शिक्षा विभाग ने स्वच्छता अभियान की जागरूकता रैली के लिए प्राइवेट और सरकारी स्कूलों को तो 100-100 बच्चों को लाने का टारगेट दे दिया। लेकिन खुद अमल नहीं किया।

शुक्रवार को केवल आरएलपीएस के शिक्षक 100 बच्चों के साथ पहुंचे। बांकी स्कूलों के शिक्षक और छात्राओं के अलावा निर्देश देने वाले शिक्षा विभाग के अधिकारी ही नहीं पहुंचे। आधा घंटे तक आरएलपीएस के शिक्षकों और बच्चों ने इंतजार किया और जब कोई नहीं आया तो वापस लौट गए।

दरअसल शिक्षा विभाग ने एक सप्ताह पहले सरकारी और प्राइवेट स्कूलों के संस्थाध्यक्षों के साथ डीईओ कार्यालय में बैठक की थी। बैठक में शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने संस्थाध्यक्षों को निर्देश दिए थे कि 13 दिसंबर को स्टेडियम से स्वच्छता अभियान के तहत जागरूकता रैली शहर के अंदर निकाली जाएगी। रैली में सभी संस्थाध्यक्षों को 100-100 बच्चों के साथ शामिल होने के निर्देश दिए गए थे। आरएलपीएस से उप प्राचार्य बंटी पाठक पहुंचे थे। उप प्राचार्य के निर्देश पर उनके अधीनस्थ शिक्षक विद्यालय के 100 बच्चों को लेकर शुक्रवार सुबह 9 बजे स्टेडियम पर पहुंच गए। लेकिन वहां दूसरे स्कूलों का एक भी शिक्षक, एक भी बच्चा और निर्देश देने वाले शिक्षा विभाग के अधिकारी नहीं पहुंचे। आधा घंटा रुकने के बाद आरएलपीएस के शिक्षकों ने अपने अधिकारियों से बात की और बच्चों के साथ वापस लौट गए। खास बात यह भी है कि यह जागरूकता रैली शिक्षा विभाग के तत्वावधान में निकलनी थी। लेकिन फिर भी वे नहीं पहुंचे। इस संबंध में डीईओ संजय श्रीवास्तव के 9425137916 पर तीन बार फोन लगाया गया। लेकिन श्रीवास्तव का नंबर बंद था।